
After a century of protection, Green Island in the Laguna Madre off Texas has become the world's largest nesting colony for the Reddish Egret. Audubon Texas began leasing the 35-acre island in…
एक सदी के संरक्षण के बाद टेक्सास के लैगुना माद्रे स्थित ग्रीन आइलैंड रेडिश एग्रेट के घोंसले का सबसे बड़ा वैश्विक केंद्र बन गया है। ऑडबोन टेक्सास ने 1923 में 35 एकड़ के इस द्वीप को पट्टे पर लिया था जब तटीय पक्षियों का पंखों अंडों और मांस के लिए बड़े पैमाने पर शिकार किया जाता था और ये प्रजातियां गल्फ कोस्ट से लगभग विलुप्त हो गई थीं। आज यह द्वीप ऑडबोन द्वारा प्रबंधित 175 द्वीपों के नेटवर्क का केंद्र है और रेडिश एग्रेट की सबसे बड़ी संख्या अब टेक्सास तट पर ही पाई जाती है। द्वीप की घनी कांटेदार वनस्पति और काटने वाले कीड़ों ने शिकारियों और इंसानों को दूर रखा जिससे यह एक सुरक्षित आश्रय बन गया। रेडिश एग्रेट के अलावा यह द्वीप ग्रेट ब्लू हेरन्स रोजेट स्पूनबिल्स और अन्य प्रजातियों का भी घर है।
संरक्षण वार्डन अभी भी मौसमी तौर पर ग्रीन आइलैंड पर रहते हैं ताकि वे रास्तों को साफ रख सकें आक्रामक शिकारियों को हटा सकें और स्थल का रखरखाव कर सकें। वैज्ञानिकों ने पाया है कि द्वीप की मूल वनस्पति ग्रानजेनो कांटेदार हैकबेरी घोंसला बनाने के लिए पसंदीदा झाड़ी है और ऑडबोन अब इसके बीज इकट्ठा कर रहा है ताकि इसे पास के अन्य द्वीपों पर लगाया जा सके जिससे घोंसले के आवास का विस्तार हो सके।
यह टेक्सास की कहानी बताती है कि आवास संरक्षण के लिए केवल घोषणाएं काफी नहीं बल्कि निरंतर मेहनत की जरूरत होती है। वार्डन आज भी कोयोट बॉबकैट और तूफानों से लड़कर कॉलोनी को सुरक्षित रखते हैं जबकि ग्रानजेनो जैसी मूल झाड़ी पक्षियों के घोंसले के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत में जहां कई आर्द्रभूमि और पक्षी विहार अतिक्रमण और आक्रामक प्रजातियों के खतरे में हैं वहां सबक स्पष्ट है कि कागजी सुरक्षा से ज्यादा जमीनी स्तर पर दीर्घकालिक प्रबंधन और स्थानीय वनस्पति का ज्ञान जरूरी है। भारत में कितनी पक्षी कॉलोनियों को इस तरह की निरंतर देखभाल मिलती है?
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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