
म्यूचुअल फंड में SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) करने वाले निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है अगर किसी महीने किस्त नहीं भर पाते। एक या दो किस्त छूटने पर पहले से निवेश…
म्यूचुअल फंड में SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) करने वाले निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है अगर किसी महीने किस्त नहीं भर पाते। एक या दो किस्त छूटने पर पहले से निवेश किया गया पैसा खत्म नहीं होता; वह म्यूचुअल फंड में बना रहता है और बाजार के हिसाब से बढ़ या घट सकता है। म्यूचुअल फंड कंपनी कोई पेनल्टी नहीं लगाती, लेकिन ऑटो-डेबिट फेल होने पर बैंक चार्ज लगा सकता है।

हालांकि लगातार तीन किस्तें नहीं भरने पर SIP अपने आप बंद हो सकती है। अगर पहले से पता हो कि आर्थिक परेशानी आने वाली है, तो बेहतर है कि SIP को अस्थायी तौर पर रोक दिया जाए। इसके लिए कम से कम 30 दिन पहले रिक्वेस्ट देने की सलाह दी जाती है। बाद में स्थिति सुधरने पर SIP फिर से शुरू की जा सकती है, जिससे अनावश्यक बैंक चार्ज से बचा जा सकता है।
निवेशकों को यह डर बेबुनियाद है कि एक-दो SIP किस्त छूटने से उनका पूरा पैसा डूब जाएगा। यह डर फैलाने वाले दावे, जिनमें 'फंड खत्म' या 'निवेश बेकार' जैसी बातें कही जाती हैं, पूरी तरह गलत हैं। म्यूचुअल फंड कंपनी पर कोई पेनल्टी नहीं लगाती, न ही पुराना निवेश मिटता है। लगातार तीन किस्तें न देने पर SIP बंद जरूर हो सकती है, लेकिन आपका निवेश बाजार में बना रहता है। असली सवाल यह है कि क्या हर रुकावट पर निवेश रोकने की आदत लॉन्ग-टर्म फायदे को खत्म नहीं कर देती?
Source: bazaar.businesstoday.in
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