
कानपुर देहात के रसधान स्थित सिविलियन विद्यालय के कक्षा 7 के छात्र माधव मिश्रा ने शिक्षिका पर पढ़ाई नहीं कराने और फोन पर व्यस्त रहने का आरोप लगाते हुए पुलिस चौकी में…
कानपुर देहात के रसधान स्थित सिविलियन विद्यालय के कक्षा 7 के छात्र माधव मिश्रा ने शिक्षिका पर पढ़ाई नहीं कराने और फोन पर व्यस्त रहने का आरोप लगाते हुए पुलिस चौकी में शिकायत की। उसने बड़े छात्रों द्वारा मारपीट की बात भी कही। पुलिसकर्मी उसे लेकर स्कूल पहुंचे, जहां शिक्षिका सायमा खान के साथ बातचीत का वीडियो सामने आया। वीडियो में शिक्षिका छात्र को डांटते और मारने की धमकी देते सुनाई दे रही हैं।
आजतक के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक अनुपम कुमार और सहायक शिक्षिका सायमा खान को कारण बताओ नोटिस जारी किया। बाद में छात्र ने दूसरे वीडियो में स्कूल और शिक्षिका को निर्दोष बताया और कहा कि आयुष से झगड़े के बाद वह गुस्से में चौकी गया था। उसकी मां ने भी स्कूल का बचाव किया।
इस मामले में सोशल मीडिया पर शिक्षक को तुरंत दोषी ठहराने और छात्र की पहली शिकायत को पूरी तरह झूठ मान लेने, दोनों तरह की जल्दबाजी दिख रही है। वीडियो में धमकी वाला व्यवहार स्पष्ट है, पर पढ़ाई में लापरवाही और मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है। शिक्षा विभाग को छात्र, अभिभावक और अन्य बच्चों के बयान लेने चाहिए। नोटिस का निष्कर्ष नहीं, जांच रिपोर्ट बताएगी कि कार्रवाई किस पर और क्यों बनती है।
Source: aajtak.in
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