
सावन के व्रत में बिना खोया और दूध के सिर्फ दो मुख्य सामग्री से तिल की बर्फी बनाई जा सकती है। आजतक की रेसिपी के अनुसार, सफेद तिल को भूनकर दरदरा पीसना…
सावन के व्रत में बिना खोया और दूध के सिर्फ दो मुख्य सामग्री से तिल की बर्फी बनाई जा सकती है। आजतक की रेसिपी के अनुसार, सफेद तिल को भूनकर दरदरा पीसना है, फिर उतनी ही मात्रा में मिल्क पाउडर या खोया मिलाएं। चीनी या गुड़ की हल्की चाशनी (या पिघला गुड़) में मिश्रण डालकर घी लगी थाली में फैलाएं। ठंडा होने पर मनचाहे आकार में काट लें। रेसिपी में सावधानी बरतने की बात कही गई है: तिल को ज्यादा न भूनें और पल्स मोड में पीसें, नहीं तो तेल निकलकर स्वाद खराब हो जाएगा।
रेसिपी में दावा किया गया है कि यह बर्फी काजू कतली को फेल कर देगी, लेकिन यह अतिशयोक्ति है। तिल की बर्फी का स्वाद अलग होता है, उसे काजू कतली से तुलना करना अनुचित है। हां, यह बिना खोया और दूध के जल्दी बन जाती है, पर इसमें तकनीकी बारीकियां हैं, तिल को सही तरीके से भूनना और पीसना जरूरी है। असली चुनौती यह देखना होगी कि क्या घर की रसोई में चाशनी की सही तार (आधा तार) बन पाती है या बर्फी कर्कश हो जाती है।
Source: aajtak.in
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