
aajtak.in के अनुसार, सावन के महीने में व्रत-उपवास के दौरान बिना खोया, बिना दूध और बिना चीनी की चाशनी के सिर्फ दो मुख्य सामग्री से तिल की नरम-मुलायम बर्फी बनाई जा सकती…
aajtak.in के अनुसार, सावन के महीने में व्रत-उपवास के दौरान बिना खोया, बिना दूध और बिना चीनी की चाशनी के सिर्फ दो मुख्य सामग्री से तिल की नरम-मुलायम बर्फी बनाई जा सकती है। यह मिठाई बनाने में झटपट और सेहतमंद है, जिसका स्वाद काजू कतली से भी बेहतर बताया गया है। रेसिपी में सफेद तिल, मिल्क पाउडर या खोया, और चीनी या गुड़ का उपयोग होता है।

बनाने की विधि में तिल को हल्का भूनकर दरदरा पीसा जाता है, फिर चीनी या गुड़ की हल्की चाशनी बनाकर उसमें इलायची पाउडर और तिल-मिल्क पाउडर का मिश्रण मिलाया जाता है। इस मिश्रण को घी लगी थाली में फैलाकर ठंडा होने पर मनचाहे आकार में काटा जाता है। रेसिपी में खोया न हो तो पिसे काजू या बादाम का भी विकल्प बताया गया है।
इस तरह की 'दो चीजों वाली बर्फी' की रेसिपी सोशल मीडिया पर खूब वायरल होती हैं, लेकिन असली चुनौती तिल को सही तरीके से भूनने और दरदरा पीसने में है, गलती से तेल निकल गया तो बर्फी बिगड़ जाएगी। साथ ही, मिल्क पाउडर न हो तो खोया या ड्राई फ्रूट्स डालने की बात कही गई है, जिससे 'दो चीजें' का दावा कमजोर पड़ जाता है। असली टेस्ट यह होगा कि कितने लोग इसे बनाकर काजू कतली से बेहतर मानते हैं।
Sources (2): aajtak.in, bazaar.businesstoday.in
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.