
एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने 209 किलोग्राम वजन वाले 32 वर्षीय युवक की सफल बैरिएट्रिक सर्जरी की। मरीज का पेट 198 सेंटीमीटर था और बीएमआई 74 तक पहुंच गया था। सामान्य ऑपरेशन…
एम्स दिल्ली के डॉक्टरों ने 209 किलोग्राम वजन वाले 32 वर्षीय युवक की सफल बैरिएट्रिक सर्जरी की। मरीज का पेट 198 सेंटीमीटर था और बीएमआई 74 तक पहुंच गया था। सामान्य ऑपरेशन टेबल पर न लिटाए जा सकने के कारण पहले 32 दिनों तक बहुत कम कैलोरी वाला आहार, श्वसन फिजियोथेरेपी और मनोचिकित्सकीय सहायता दी गई। इस दौरान वजन 172 किलो और पेट का घेरा 178 सेंटीमीटर हो गया। 24 जुलाई को लेप्रोस्कोपिक गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी दो घंटे दस मिनट में पूरी हुई। अब मरीज का वजन 160 किलो है और वह बिना सहारे चल-फिर सकता है।
मोटापे को अकसर सिर्फ खान-पान की लापरवाही का नतीजा बताने वाली कहानियां इस मामले की जटिलता को नजरअंदाज करती हैं। यहां एक 32 वर्षीय युवक एक साथ स्लीप एपनिया, हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन और जोड़ों के दर्द से जूझ रहा था, महज वजन बढ़ने का मामला नहीं। असली सबक तैयारी का है: 32 दिन का सख्त आहार और बहुविशेषज्ञ टीम ने सर्जरी को संभव बनाया। मरीज का 70 किलो तक वजन घटने का लक्ष्य तय करेगा कि यह सिर्फ एक बार का उपचार है या जीवनशैली का स्थायी बदलाव।
Sources (2): aajtak.in, aajtak.in (2)
This story was synthesised by AI from the 2 sources linked above.
Updated: this story now draws on 2 sources.