
दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने दिल्ली मास्टर प्लान (MPD) 2047 को मंजूरी दे दी है, जो अगले दो दशकों में शहर के विकास की दिशा तय करेगा। अब यह प्लान अंतिम मंजूरी…
दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने दिल्ली मास्टर प्लान (MPD) 2047 को मंजूरी दे दी है, जो अगले दो दशकों में शहर के विकास की दिशा तय करेगा। अब यह प्लान अंतिम मंजूरी के लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) को भेजा जाएगा।
प्लान में किफायती आवास, यमुना फ्लडप्लेन की सुरक्षा, ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट और अनियोजित कॉलोनियों पर नियंत्रण पर जोर है। बिज़नेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में 40 लाख रुपये से कम के घरों का हिस्सा 62% था जो 2024 में घटकर 11% रह गया, जबकि 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के लक्जरी घरों का हिस्सा 13% से बढ़कर 70% हो गया। मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने में करीब पांच साल की देरी हुई है।
इस मास्टर प्लान की घोषणा के साथ ही सरकारी ओर से शहर को व्यवस्थित करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन पिछले मास्टर प्लान-2021 के लागू होने के बावजूद दिल्ली में अनियोजित निर्माण और महंगे आवास का संकट बढ़ा है। सवाल यह है कि क्या MPD 2047 में TOD पॉलिसी और लैंड पूलिंग के सरलीकरण से वास्तव में गरीबों को सस्ते घर मिलेंगे, या यह सिर्फ डेवलपर्स को छूट देने का जरिया बनेगा? असली परीक्षा तब होगी जब MoHUA से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे जमीन पर उतारा जाएगा।
Source: bazaar.businesstoday.in
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