
The Employees’ Provident Fund Organisation has begun settling provident fund claims locally in Leh for the first time, a move that directly benefits over 7,800 subscribers and 2,700 registered establishments in Ladakh.…
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पहली बार लेह में स्थानीय स्तर पर भविष्य निधि दावों का निपटान शुरू कर दिया है। इस कदम से लद्दाख के 7,800 से अधिक अंशधारकों और 2,700 पंजीकृत प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा। पहल शुरू होने के बाद से अब तक लेह में 14,32,574 रुपये के 42 दावों का निपटान किया जा चुका है।
पहले लद्दाख से संबंधित ईपीएफओ का सारा काम 650 किलोमीटर दूर जम्मू क्षेत्रीय कार्यालय से होता था, जिसके कारण अंशधारकों को समाधान के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय के मेहरा ने कहा कि इस बदलाव से कार्यक्षमता में सुधार होगा और क्षेत्र में केंद्र की रोजगार योजनाओं को बल मिलेगा। ईपीएफओ अपने लद्दाख कार्यालय को भी अपग्रेड कर रहा है और सदस्य-अनुकूल सुविधाओं के साथ एक नई इमारत लेने की योजना बना रहा है।
लद्दाख के जम्मू-कश्मीर से अलग होने के बाद यह एक छोटा लेकिन ठोस कदम है। लद्दाख के लोगों की लंबे समय से शिकायत रही है कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई खास बदलाव नहीं आया है। अब असली परीक्षा यह है कि क्या ईपीएफओ यहां जम्मू की तुलना में तेजी से दावे निपटा पाएगा और क्या अन्य केंद्रीय सेवाएं भी ऐसा ही रुख अपनाएंगी। एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या लद्दाख प्रशासन पेंशन और आयकर सेवाओं के इसी तरह के विकेंद्रीकरण के लिए दबाव बनाएगा?
स्रोत: greaterkashmir.com
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