
The Finance Ministry has advised central government entities against prescribing excessively high turnover and payroll requirements in consultancy tenders on the Government e-Marketplace (GeM). A sample study of such tenders over the…
वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय सरकारी संस्थाओं को सलाह दी है कि वे सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर परामर्श निविदाओं में अत्यधिक उच्च टर्नओवर और पेरोल संबंधी शर्तें न रखें। व्यय विभाग ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों की निविदाओं के अध्ययन से पता चला है कि उच्च टर्नओवर सीमा और अनुपातहीन कर्मचारी संख्या जैसी शर्तें प्रतिस्पर्धा को अनावश्यक रूप से सीमित करती हैं।
उद्योग विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छोटी भारतीय कंपनियों को उन सरकारी अनुबंधों के लिए प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा जिन पर अब तक बड़ी कंपनियों का दबदबा रहा है। ज्ञापन में खरीद करने वाली संस्थाओं से ‘मैनुअल फॉर प्रोक्योरमेंट ऑफ कंसल्टेंसी सर्विसेज, 2025’ का पालन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पात्रता मानदंड वास्तविक परियोजना आवश्यकताओं के अनुरूप हों।
वित्त मंत्रालय का यह निर्देश इस धारणा को खत्म करता है कि केवल बड़ी कंपनियां ही जटिल परामर्श कार्य कर सकती हैं। हालांकि यह सलाह तर्कसंगत है लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि खरीद करने वाली संस्थाएं इसका अर्थ कैसे निकालती हैं। क्या वे अभी भी सूक्ष्म भेदभाव के जरिए बड़ी कंपनियों को तरजीह देने के तरीके खोजती रहेंगी? अगले वित्तीय वर्ष में GeM परामर्श अनुबंध जीतने वाली छोटी और मध्यम घरेलू कंपनियों की संख्या यह बताएगी कि यह इरादा वास्तव में कितना कारगर साबित हुआ है।
स्रोत (2): businesstoday.in, thehindubusinessline.com
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