
A chemistry enthusiast named Sagar has built a mobile laboratory to take live experiments to schools in Nagpur. An applied physics student, he spent nearly a decade collecting and purifying 40 chemical…
रसायन विज्ञान के शौकीन सागर ने नागपुर के स्कूलों में लाइव प्रयोग दिखाने के लिए एक मोबाइल प्रयोगशाला तैयार की है। एप्लाइड फिजिक्स के छात्र सागर ने 21 साल की उम्र में शौक के तौर पर शुरुआत की थी और करीब एक दशक तक मेहनत करके 40 रासायनिक तत्वों को इकट्ठा और शुद्ध किया। उनकी इस पहल से छात्र अब केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय खुद बुनियादी प्रयोग कर सकते हैं और प्रदर्शन देख सकते हैं। सागर नेत्रहीन छात्रों के लिए ऐसी स्पर्श-आधारित विधियां भी विकसित कर रहे हैं जिससे वे छूकर रसायन विज्ञान को समझ सकें। उनकी योजना इस परियोजना को और अधिक स्कूलों तक ले जाने की है।
सागर की मोबाइल लैब उस स्कूली व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक बदलाव है जो अक्सर रसायन विज्ञान को सिर्फ रटने वाले समीकरणों तक सीमित कर देती है। असली परीक्षा यह है कि क्या पाठ्यक्रम के दबाव से जूझ रहे स्कूल उन्हें पर्याप्त समय देंगे। क्या 40 तत्वों के साथ एक अकेला उत्साही व्यक्ति कुछ स्कूलों से आगे निकल पाएगा या यह सिर्फ एक सुखद कहानी बनकर रह जाएगी जबकि ज्यादातर छात्र कभी टेस्ट ट्यूब को छू तक नहीं पाएंगे?
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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