
A group of schoolchildren in Madhya Pradesh's Chhatarpur district stopped the convoy of Minister of State for Forest and Environment Dilip Ahirwar on Friday to demand a paved approach road, reliable electricity…
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में शुक्रवार को स्कूली छात्रों के एक समूह ने वन और पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के काफिले को रोक दिया। छात्र अपने स्कूल तक जाने के लिए पक्की सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे थे। यह घटना चंदला विधानसभा क्षेत्र में उस समय हुई जब मंत्री का काफिला बसराही गांव से गुजर रहा था।
स्थानीय सरकारी माध्यमिक विद्यालय के छात्रों का कहना था कि वे काफी समय से बदहाल सड़क के कारण परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने स्कूल में बिजली और बुनियादी ढांचे की कमी पर भी चिंता जताई। इस विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मंत्री अहिरवार ने जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन दिया और कहा कि सड़क निर्माण में देरी इसलिए हुई क्योंकि प्रस्तावित रास्ता निजी भूमि से होकर गुजरता है।
सड़क बनवाने के लिए स्कूली बच्चों को मंत्री की गाड़ी रोकनी पड़े यह स्थिति चिंताजनक है। ऐसे मामलों में अक्सर अधिकारियों की असंवेदनशीलता या बच्चों के अनुशासित न होने की दलीलें दी जाती हैं लेकिन इनसे कोई हल नहीं निकलता। मंत्री ने भूमि विवाद का जो तर्क दिया है वह एक आम बहाना है। असल परीक्षा तो अब है कि वीडियो वायरल होने के बाद सड़क कितनी जल्दी बनती है। क्या जनपद पंचायत सीईओ वाकई इस हफ्ते काम शुरू कराएंगे या मामला फाइलों में दब जाएगा। सड़क पूरा होने की कोई निश्चित तारीख ही इस विवाद को खत्म कर सकती है।
स्रोत: nationalheraldindia.com
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