
The Rajasthan High Court has directed the state government to provide immediate medical facilities at the Sessions Court Complex in Jodhpur after a lawyer, Jeewan Ram Choudhary, died there following a heart…
राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को जोधपुर स्थित सेशन कोर्ट परिसर में तत्काल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश वकील जीवन राम चौधरी की दिल का दौरा पड़ने से वहां मौत के बाद आया है। कोर्ट ने सुविधाओं की कमी को खतरनाक बताते हुए कहा कि राज्य को वकीलों, जजों, वादकारियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
कोर्ट ने एक चिकित्सा अधिकारी, दो ग्रेड-दो नर्सिंग स्टाफ, एक फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, दो वार्ड बॉय और एक सफाईकर्मी की तैनाती का आदेश दिया है। साथ ही विभाग को एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद परिसर में वर्तमान में केवल एक परिवार स्वास्थ्य कार्यकर्ता और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है।
यहां चिंताजनक कहानी को केवल कोर्ट प्रशासन पर हमले या यह दावा नहीं बनना चाहिए कि स्टाफ की मौजूदगी ही दिल के दौरे के बाद जीवित रहने की गारंटी देती है। बताई गई मौत एक व्यस्त सार्वजनिक भवन में प्राथमिक उपचार, प्रशिक्षित कर्मियों, उपकरणों और त्वरित परिवहन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। असली परीक्षा तुरंत यह है कि क्या जोधपुर परिसर में आदेशित स्टाफ और एम्बुलेंस तैनात, कार्यशील और नियमित रूप से निगरानी की जाती है।
स्रोत: livelaw.in
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