तेलंगाना के मुख्यमंत्री और हरीश राव के बीच तंत्र-मंत्र पर जुबानी जंग

Indian Opinion DeskIndian Opinion DeskPolitics2 hours ago2 Views

Telangana CM Reddy accuses BRS leaders of ‘occult practices’ against Congress government

Telangana Chief Minister A Revanth Reddy on Saturday accused BRS leaders of performing occult rituals to discredit the Congress government. Without naming BRS MLA T Harish Rao, Reddy alleged a former minister…

संक्षेप में खबर

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शनिवार को बीआरएस नेताओं पर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाया है। बीआरएस विधायक टी हरीश राव का नाम लिए बिना रेड्डी ने दावा किया कि एक पूर्व मंत्री ने सूखा पड़ने और सरकार गिरने की प्रार्थना करने के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु के मंदिरों का दौरा किया है। रेड्डी ने हरीश राव को चुनौती दी कि वे अपने मंदिर दौरों का विवरण सार्वजनिक करें। उन्होंने यह टिप्पणी संगारेड्डी में स्मार्ट पीडीएस राशन कार्ड लॉन्च करते समय की।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और हरीश राव के बीच तंत्र-मंत्र पर जुबानी जंग

बीआरएस के डिप्टी फ्लोर लीडर हरीश राव ने पलटवार करते हुए रेड्डी को झूठ का पुलिंदा बताया और मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को विधानसभा में कृषि ऋण माफी, रयतु बंधु और रोजगार के मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती दी। परस्पर विरोधी आंकड़े पेश करते हुए हरीश राव ने कहा कि रेड्डी 70,000 नौकरियां देने का दावा कर रहे हैं जबकि सरकार का अपना विधानसभा जवाब कहता है कि केवल 16,000 नौकरियां ही दी गई हैं। हरीश राव ने कहा कि यदि रेड्डी के पैतृक गांव में हर पात्र किसान को ऋण माफी का लाभ मिल जाए तो वे इस्तीफा दे देंगे।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और हरीश राव के बीच तंत्र-मंत्र पर जुबानी जंग

द इंडियन ओपिनियन

रेड्डी और हरीश राव दोनों ही शासन करने के बजाय तीखे आरोपों में उलझे हुए हैं। बिना किसी सबूत के मुख्यमंत्री का तंत्र-मंत्र का आरोप बीआरएस के पुराने षड्यंत्र सिद्धांतों जैसा ही लगता है। हरीश राव का यह प्रस्ताव कि यदि एक गांव में ऋण माफी पूरी तरह लागू हो जाए तो वे इस्तीफा दे देंगे एक सस्ता स्टंट है क्योंकि वे जानते हैं कि सरकारी डेटा केवल आंशिक वितरण की पुष्टि करता है। असली परीक्षा सरल है कि दोनों पक्षों को ऋण माफी और नौकरियों की संख्या पर विधानसभा के प्रश्नकाल के रिकॉर्ड की मांग करनी चाहिए और कैमरों के सामने नाटक करना बंद करना चाहिए।


स्रोत (3): hindustantimes.com, deccanchronicle.com, timesofindia.indiatimes.com

यह खबर ऊपर दिए गए 3 स्रोतों से एआई द्वारा तैयार की गई है।

अपडेट: यह खबर अब 3 स्रोतों पर आधारित है।

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