
गुजरात के गोरखी गांव के रहने वाले गणेश बरैया, जिनकी लंबाई सिर्फ 3 फीट 4 इंच है, KBC 18 में दिखे। वे 3 लाख के सवाल पर लड़खड़ा गए और 25,000 रुपये…
गुजरात के गोरखी गांव के रहने वाले गणेश बरैया, जिनकी लंबाई सिर्फ 3 फीट 4 इंच है, KBC 18 में दिखे। वे 3 लाख के सवाल पर लड़खड़ा गए और 25,000 रुपये जीतकर घर लौटे। बौनेपन और 72% शरीर को प्रभावित करने वाली लोकोमोटर डिसेबिलिटी के बावजूद उन्होंने 12वीं में 87% अंक और NEET में 233वीं रैंक हासिल की। MBBS में दाखिले के लिए उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा, जहां दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें प्रवेश मिला। आज वे भावनगर के अस्पताल में बाल रोग विभाग में कार्यरत हैं। शो के दौरान उन्होंने याद किया कि सर्कस वाले उन्हें 5 लाख में ले जाना चाहते थे, लेकिन पिता ने पढ़ाई को प्राथमिकता दी।


गणेश बरैया की कहानी को 'जुनून से मंजिल मिली' के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन इसमें उन बाधाओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो उन्होंने झेलीं। MBBS में दाखिले से इनकार और कोर्ट का सहारा लेना यह दिखाता है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का पालन कितना कमजोर है। सवाल यह है कि कितने और दिव्यांग छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ता है जबकि कानून उनके साथ है?
Source: aajtak.in
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