
A fresh scientific study has resolved a decade-long debate over nearly 80 shackled men buried in a mass grave at the Phaleron cemetery in ancient Athens. Using strontium isotope analysis of tooth…
एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने प्राचीन एथेंस के फलेरोन कब्रिस्तान में एक सामूहिक कब्र में दफन बेड़ियों से जकड़े करीब 80 पुरुषों से जुड़े दशकों पुराने विवाद को सुलझा लिया है। दांतों के इनेमल के स्ट्रोंटियम आइसोटोप विश्लेषण का उपयोग करके शोधकर्ताओं ने पाया कि इनमें से 95 प्रतिशत से अधिक पुरुष अटिका क्षेत्र में ही पले-बढ़े थे जिसका अर्थ है कि वे स्थानीय थे न कि विदेशी भाड़े के सैनिक या आक्रमणकारी जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया था।
एस्प्लानाडा समूह के रूप में जाने जाने वाले इन कंकालों को उनकी कलाई पर लोहे की बेड़ियों के साथ व्यवस्थित पंक्तियों में दफनाया गया था और सातवीं शताब्दी ईसा पूर्व के अंत में उनकी हिंसक मौत हुई थी। जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजिकल साइंस: रिपोर्ट्स में प्रकाशित इस अध्ययन ने उनके रासायनिक संकेतों की तुलना उसी कब्रिस्तान में मिली अन्य कब्रों से की जिससे बाहरी होने का सिद्धांत खारिज हो गया और यह समुदाय के भीतर ही हुई हिंसा की ओर इशारा करता है।
यह विचार कि प्रारंभिक एथेंस ने विदेशियों के लिए ही अपने सबसे कठोर दंड आरक्षित रखे थे अब स्ट्रोंटियम डेटा द्वारा खारिज हो गया है। बेड़ियों में जकड़े ये पुरुष स्थानीय थे जो हमें इस धारणा पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करता है कि लोकतांत्रिक एथेंस का जन्म केवल विदेशी खतरों का विरोध करने से हुआ था। यह आंतरिक हिंसा थी जो संभवतः राजनीतिक थी। अनुत्तरित सवाल यह है कि किस विशिष्ट संकट के कारण करीब 80 नागरिकों की सामूहिक हत्या हुई। इतिहासकारों के लिए अब यही असली चुनौती है।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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