
An Indian tech couple living in Ireland for 11 years have announced they will move back to Pune by May next year, citing rising work pressure, fears over artificial intelligence, and lack…
आयरलैंड में 11 वर्षों से रह रहे एक भारतीय टेक दंपती ने काम के भारी दबाव, बच्चों की देखभाल की चुनौतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरी को लेकर चिंता और परिवार का साथ न होने का हवाला देते हुए अगले साल मई तक पुणे लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बच्चे पूरे दिन क्रेच, स्कूल और आफ्टर-स्कूल केयर के बीच समय बिताते हैं क्योंकि माता-पिता दोनों काम पर जाते हैं।
रेडिट पर अपने विचार साझा करते हुए दंपती ने कहा कि भारत लौटने से उनके बच्चों को दादा-दादी के साथ अधिक समय बिताने का मौका मिलेगा और घर के कामकाज में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आयरलैंड में उनके माता-पिता के लिए आना मुश्किल हो गया था और अब उन्हें वहां अपनापन महसूस नहीं होता। अन्य उपयोगकर्ताओं ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए, वहीं एक यूजर ने आयरलैंड और ब्रिटेन में आप्रवासन के प्रति बदलती सोच पर चिंता जताई।
यह आम धारणा कि विदेश जाना हमेशा बेहतर जीवन की गारंटी है या भारत लौटना असफलता है, इस परिवार द्वारा बताए गए व्यावहारिक पहलुओं को नजरअंदाज करती है। बच्चों की देखभाल, काम का तनाव और बुजुर्गों का साथ जैसी चीजों की तुलना सिर्फ वेतन से नहीं की जा सकती। न ही रेडिट की यह एक पोस्ट साबित करती है कि आयरलैंड अब रहने लायक नहीं है या पुणे में सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। असली परीक्षा तब होगी जब भारत लौटने के बाद यह परिवार अपने काम, बच्चों की पढ़ाई और देखभाल की योजनाओं को किस तरह संभाल पाता है।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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