
Russian Foreign Minister Sergei Lavrov has accused German Chancellor Friedrich Merz of letting the "metastases of Nazism" reach the top of German society, after Merz called for Germany to build Europe's strongest…
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ पर आरोप लगाया है कि वे जर्मन समाज के शीर्ष स्तर पर नाजीवाद की जड़ें पनपने दे रहे हैं। यह बयान मर्ज़ द्वारा जर्मनी को यूरोप की सबसे मजबूत पारंपरिक सैन्य ताकत बनाने की मांग के बाद आया है। शुक्रवार को एक साक्षात्कार में लावरोव ने सवाल उठाया कि क्या मर्ज़ जर्मनी को फिर से सबसे बड़ी सैन्य शक्ति बनाने के ऐतिहासिक अर्थ को समझते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि पश्चिम में यूक्रेन के रास्ते नाजी विचारधारा फिर से सिर उठाती है तो रूस कोई रहम नहीं करेगा।
लावरोव ने रूसी सरकारी टेलीविजन को अलग से बताया कि मॉस्को का मानना है कि रूसी क्षेत्र पर यूक्रेनी हमलों में अमेरिका गहराई से शामिल है। उन्होंने खुफिया डेटा और नागरिक ठिकानों पर हमलों को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग से सवाल किए हैं। फरवरी के बाद से यूक्रेन पर कोई शांति वार्ता नहीं हुई है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट में लावरोव के हवाले से एक साल पहले व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए शिखर सम्मेलन का जिक्र भी किया गया है जहां मॉस्को युद्ध खत्म करने के अमेरिकी प्रस्तावों का समर्थन करने के लिए तैयार था।
लावरोव द्वारा नाजी तुलना करना क्रेमलिन की एक पुरानी रणनीति है ताकि यूक्रेन में उनके अपने युद्ध से ध्यान भटकाया जा सके। मर्ज़ द्वारा मजबूत जर्मन सेना की मांग रूस के आक्रमण की प्रतिक्रिया है न कि 1930 के दशक की पुनरावृत्ति। पश्चिमी आक्रामकता के बेबुनियाद आरोप इस तथ्य को नजरअंदाज करते हैं कि रूस ने पहले हमला किया था। असली सवाल यह है कि क्या यूरोपीय सहयोगी अपनी बयानबाजी के अनुरूप रक्षा खर्च बढ़ाएंगे या ऐसी उकसावे की कार्रवाइयों को खुद को बांटने देंगे।
स्रोत: timesnownews.com
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