
The Centre has cut the export duty on petrol to zero for August 15 to 31, while lowering the levy on diesel to Rs 24 per litre and on aviation turbine fuel…
केंद्र सरकार ने 15 से 31 अगस्त के लिए पेट्रोल पर निर्यात शुल्क शून्य कर दिया है, जबकि डीजल पर लेवी घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर और विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। पिछली दरें क्रमशः 3.5 रुपये, 25.5 रुपये और 22 रुपये प्रति लीटर थीं। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना निर्यात के लिए मंजूर ईंधन पर लागू होती है।

भारत में बेचे जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार हर पखवाड़े कच्चे तेल और रिफाइंड ईंधन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर इन लेवी की समीक्षा करती है। इसने मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान निर्यात को हतोत्साहित करने और घरेलू उपलब्धता की रक्षा के लिए यह प्रणाली शुरू की थी।

यह दावा कि इस संशोधन से तुरंत भारतीय मोटर चालकों के लिए पेट्रोल की कीमतें घट जाएंगी, गलत है क्योंकि घरेलू उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है। साथ ही, इस कदम को ईंधन नियंत्रणों से स्थायी वापसी के रूप में पेश करना पखवाड़े की समीक्षा को नजरअंदाज करता है। व्यावहारिक परीक्षण यह है कि क्या निर्यातकों को बड़ी मात्रा में ईंधन विदेश भेजने के लिए प्रेरित किए बिना घरेलू आपूर्ति सहज बनी रहती है। 1 सितंबर की अगली अधिसूचना दिखाएगी कि यह रीसेट कितना टिकाऊ है।
स्रोत (4): thehindu.com, timesnownews.com, timesofindia.indiatimes.com, hindustantimes.com
यह कहानी ऊपर दिए गए 4 स्रोतों से एआई द्वारा संश्लेषित की गई थी।
अपडेट: इस कहानी में अब 4 स्रोतों से जानकारी ली गई है।