समाज की सेवा करे अनुसंधान : उपराष्ट्रपति ने एसआरएमआईएसटी में कहा

Vice-President C.P. Radhakrishnan on Sunday said research achieves its highest purpose when it serves society. Speaking at the 22nd convocation of SRM Institute of Science and Technology in Kattankulathur, he recalled that…

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि अनुसंधान तब अपने उच्चतम उद्देश्य को प्राप्त करता है जब वह समाज की सेवा करता है। कट्टांकुलथुर स्थित एसआरएम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के 22वें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर 100 से अधिक देशों को मुफ्त कोविड-19 टीके भेजे थे। उन्होंने कहा कि यह भारत की महानता और शांति, विकास और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Research must serve society, says Vice-President at SRMIST

उपराष्ट्रपति ने एसआरएमआईएसटी की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्थान ने एक ऐसा शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है जो अंतर-विषयक सीखने को बढ़ावा देता है और अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में बदलता है। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने भारत की प्राचीन वैज्ञानिक विरासत पर गर्व करने का आग्रह किया। महिंद्रा एंड महिंद्रा में ऑटोमोटिव बिजनेस के अध्यक्ष आर. वेलुसामी को मानद डॉक्टरेट प्रदान की गई। विभिन्न परिसरों में कुल 11,684 स्नातक डिग्री प्राप्त करने के पात्र थे। उपराष्ट्रपति ने संस्थान के संस्थापक कुलाधिपति टी.आर. पारिवेंधर की 32 फुट ऊंची प्रतिमा का भी अनावरण किया।


स्रोत: thehindu.com

यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा संश्लेषित की गई थी।

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