
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में अगले दशक के लिए लक्ष्य रखा कि Fortune 500 में 50 भारतीय कंपनियां शामिल हों। बिजनेस टुडे बाजार के अनुसार, उन्होंने दुनिया के शीर्ष…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में अगले दशक के लिए लक्ष्य रखा कि Fortune 500 में 50 भारतीय कंपनियां शामिल हों। बिजनेस टुडे बाजार के अनुसार, उन्होंने दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में कम से कम एक भारतीय बैंक और शीर्ष पांच फार्मा कंपनियों में एक भारतीय कंपनी के शामिल होने की इच्छा भी जताई। मोदी ने कहा कि भारत के कारोबार, बैंकिंग और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों को वैश्विक पहचान मजबूत करनी होगी।
उन्होंने विकास के लिए ‘Shakti ki Sapta Dhara’ का रोडमैप बताया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर शामिल हैं। मोदी ने कहा कि अगले पांच से सात वर्षों में ऐसे लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
ऐसे भाषणों को कुछ लोग केवल नारा मानेंगे, जबकि समर्थक इन्हें आर्थिक छलांग का तैयार खाका बताएंगे। दोनों दावे अभी जल्दबाजी होंगे। Fortune 500 में जगह के लिए भारतीय कंपनियों को बड़े पैमाने, बेहतर उत्पादकता, शोध और वैश्विक अधिग्रहण की जरूरत होगी। बैंकिंग और फार्मा के लक्ष्य भी सिर्फ संख्या से नहीं, पूंजी और गुणवत्ता से तय होंगे। असली कसौटी अगले दशक में भारतीय कंपनियों की Fortune 500 संख्या और शीर्ष पांच की सूची होगी।
Source: bazaar.businesstoday.in
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