
The Bombay High Court has quashed an FIR against pharmaceutical major Mylan Laboratories Ltd over alleged irregularities in the Brihanmumbai Municipal Corporation's purchase of Remdesivir injections during the Covid-19 pandemic. Justice Ashwin…
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कोविड-19 महामारी के दौरान बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा रेमडेसिविर इंजेक्शन की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर दवा कंपनी माइलान लैबोरेटरीज लिमिटेड के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति आश्विन भोबे ने अपने फैसले में कहा कि 20 अक्टूबर 2023 को आगरीपाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज इस एफआईआर में लगाए गए आरोप कंपनी के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध साबित नहीं करते।
यह एफआईआर बीएमसी के रेमडेसिविर टेंडर में अनियमितताओं के आरोपों के बाद दर्ज की गई थी, जिसमें माइलान ने 650 रुपये से लेकर 2,626 रुपये प्रति शीशी की दर से दवा की आपूर्ति की, जिससे नगर निगम को कथित तौर पर 5.96 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। माइलान ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए तर्क दिया कि महाराष्ट्र लोकायुक्त ने पहले ही ऐसे ही आरोपों की जांच की थी और 3 मार्च 2025 को भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं पाया था, साथ ही टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कीमतों में वृद्धि को बाजार की मांग से जोड़ा था।
अदालत ने कहा कि लोकायुक्त शिकायत और एफआईआर दोनों एक ही आरोपों पर आधारित थे। न्यायमूर्ति भोबे ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह एफआईआर खारिज कर दी, यह देखते हुए कि लोकायुक्त के निष्कर्षों के बाद आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
स्रोत: hindustantimes.com
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