
Jharkhand Chief Minister Hemant Soren on Saturday promised systemic reforms and an impartial investigation as student protests over alleged recruitment exam irregularities entered their 22nd day. Addressing the state's Independence Day function,…
नेशनल हेराल्ड इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे 22वें दिन के विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रणालीगत सुधार और निष्पक्ष जांच का वादा किया। सोरेन ने कहा कि पेपर लीक और धांधली एक गंभीर चुनौती है और उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
उन्होंने समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार करने तकनीक का अधिक उपयोग करने और समय पर उत्तर कुंजी जारी करने जैसे उपायों की घोषणा की। सैकड़ों छात्र सीबीआई जांच की मांग को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे हैं।
सोरेन द्वारा प्रणालीगत सुधार का वादा स्वागत योग्य है लेकिन झारखंड ने ऐसे आश्वासन पहले भी देखे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि क्या वार्षिक परीक्षा कैलेंडर समय पर जारी होता है और क्या सीबीआई जांच से वास्तव में दोषियों को सजा मिलती है। इस बीच छात्र आंदोलन में शामिल होने की कोशिश कर रहे एक राजनेता को पुलिस द्वारा रोकना सरकार की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। क्या जांच राजनीतिक संबंधों से ऊपर उठकर परीक्षा माफिया को निशाना बना पाएगी?
स्रोत: nationalheraldindia.com
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