
The Madras High Court has ordered internet service providers to block websites hosting pirated copies of Batwara 1947, produced by Aamir Khan Productions. Justice K Surender issued the interim injunction on August…
मद्रास हाईकोर्ट ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को आमिर खान प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित फिल्म बटवारा 1947 की पायरेटेड प्रतियां प्रसारित करने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। जस्टिस के सुरेंद्र ने 14 अगस्त को यह अंतरिम आदेश जारी किया। अदालत ने पाया कि फिल्म के सिनेमाघरों में चलने के दौरान अनधिकृत ऑनलाइन और केबल वितरण से अपूरणीय क्षति हो सकती है।

अदालत ने मोबाइल और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को नोटिस भी जारी किए हैं और इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। प्रोडक्शन हाउस ने कॉपीराइट का दावा साबित करने के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रमाण पत्र का सहारा लिया। यह राहत इस शर्त पर दी गई है कि आमिर खान प्रोडक्शंस वैध व्यावसायिक कार्यों को होने वाले नुकसान के लिए प्रतिवादियों को क्षतिपूर्ति देगा। इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और इसमें सनी देओल, प्रीति जिंटा तथा शबाना आजमी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
पायरेसी के दावों पर अक्सर दो तरह के सतही तर्क दिए जाते हैं कि या तो वेबसाइटों को ब्लॉक करना ही एकमात्र समाधान है या फिर कॉपीराइट का प्रवर्तन इंटरनेट की पहुंच को नुकसान पहुंचाता है। यह आदेश इनमें से कुछ भी नहीं करता है। यह एक अस्थायी राहत है जो प्रथम दृष्टया स्वामित्व के आधार पर दी गई है और इसमें क्षतिपूर्ति की शर्त के जरिए वैध संचालकों के हितों की रक्षा की गई है। असली परीक्षा यह है कि 11 सितंबर की सुनवाई में क्या स्पष्ट और स्थायी निर्देश मिलते हैं तथा क्या फिल्म की वैध पहुंच प्रभावित नहीं होती है।
स्रोत (2): timesofindia.indiatimes.com, barandbench.com
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