
Prime Minister Narendra Modi on Saturday accused some people of deliberately spreading rumours to frighten the nation during the Covid-19 pandemic and subsequent global conflicts, including wars in Ukraine and West Asia.…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कुछ लोगों पर कोविड-19 महामारी और उसके बाद यूक्रेन तथा पश्चिम एशिया में हुए युद्धों के दौरान जानबूझकर अफवाहें फैलाकर राष्ट्र को भयभीत करने का आरोप लगाया। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के नागरिक-प्रथम दृष्टिकोण और दशकों भर की तैयारियों ने भारत को इन संकटों से उबारने में मदद की।

उन्होंने पाइप्ड गैस आपूर्ति के 70 से 700 शहरों तक विस्तार का उल्लेख किया और विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की और नक्सल विरोधी अभियानों में मारे गए 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को याद किया।

सत्ता पक्ष की विजयोन्माद और विपक्ष की विनाशकारी आलोचना दोनों ही बारीकियों को नजरअंदाज करती हैं। पीएम का ‘सप्त धारा’ दृष्टिकोण और पाइप्ड गैस का विस्तार ठोस उपलब्धियां हैं, फिर भी ग्रामीण पहुंच और रोजगार सृजन में कमियां बनी हुई हैं। मतदाताओं को आने वाले वर्षों में अलंकारिक जीत के बजाय मापने योग्य मील के पत्थरों की मांग करनी चाहिए।
स्रोत (2): timesofindia.indiatimes.com, hindustantimes.com
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