Zetwerk ने IPO के लिए फाइल किए दस्तावेज, जुटाएगी 2,600 करोड़ रुपये

Zetwerk files UDRHP, plans ₹2,600-crore fresh issue to repay debt and fuel growth

Zetwerk Manufacturing Businesses has filed updated IPO papers to raise Rs 2,600 crore through a fresh issue, with Rs 1,800 crore earmarked for debt repayment. The IPO also includes an offer for…

खबर संक्षेप में

Zetwerk Manufacturing Businesses ने फ्रेश इश्यू के जरिए 2,600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अपडेटेड IPO दस्तावेज जमा किए हैं जिसमें से 1,800 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। इस IPO में शुरुआती निवेशकों और प्रमोटरों द्वारा 9.68 करोड़ शेयरों की बिक्री की पेशकश भी शामिल है। बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2026 के लिए 12,300 करोड़ रुपये रही जो साल-दर-साल 40 प्रतिशत की वृद्धि है जबकि राजस्व 40 प्रतिशत बढ़कर 15,900 करोड़ रुपये हो गया। Zetwerk अब 26 कैप्टिव प्लांट संचालित करती है और मैन्युफैक्चरिंग राजस्व में इनका योगदान दो साल पहले के 7 प्रतिशत से बढ़कर अब 33 प्रतिशत हो गया है।

चीन से इतर मैन्युफैक्चरिंग के बढ़ते चलन के कारण वित्त वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय कारोबार बढ़कर लगभग 2,800 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले 2,300 करोड़ रुपये था। मैन्युफैक्चरिंग राजस्व में ऊर्जा क्षेत्र का योगदान 70 प्रतिशत है जबकि रक्षा सहित प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग का योगदान 15 प्रतिशत है। कंपनी ने एकमुश्त शुल्कों के कारण 916 करोड़ रुपये का कर-पूर्व घाटा दर्ज किया है। Schneider Electric, Indian Oil, Siemens और Acer इसके प्रमुख ग्राहक हैं। जुलाई के बाद से 22 कंपनियों द्वारा IPO लॉन्च किए जाने से प्राथमिक बाजार में सुस्ती के बाद अब फिर से तेजी देखी जा रही है।

The Indian Opinion

यह कहना कि Zetwerk सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग मार्केटप्लेस है उसके 26 कैप्टिव प्लांट के स्वामित्व पर ध्यान नहीं देता जो अब कंपनी के कुल राजस्व का एक तिहाई हिस्सा हैं। फ्रेश इश्यू का 70 प्रतिशत हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च होना यह दर्शाता है कि परिसंपत्ति-प्रधान मॉडल पर भारी ब्याज का बोझ है जिसे अक्सर IPO का समर्थन करने वाले नजरअंदाज कर देते हैं। अब असली परीक्षा यह है कि क्या यह इन-हाउस क्षमता मार्जिन से समझौता किए बिना कंपनी के 120 प्रतिशत नेट रेवेन्यू रिटेंशन को बरकरार रख पाएगी या फिर यह बदलाव उस पूंजीगत गहनता को फिर से पैदा करेगा जिससे कंपनी ने पहले परहेज किया था।


स्रोत (2): thehindubusinessline.com, thehindubusinessline.com (2)

यह खबर ऊपर दिए गए 2 स्रोतों से AI द्वारा तैयार की गई है।

अपडेट: यह खबर अब 2 स्रोतों पर आधारित है।

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