
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले से आधुनिक सिविल डिफेंस वॉलंटियर नेटवर्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को आधुनिक प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे देश…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले से आधुनिक सिविल डिफेंस वॉलंटियर नेटवर्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को आधुनिक प्रणालियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे देश के भीतर और सीमाओं के पार से जुड़ी मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों तथा संकटों से निपट सकें। सिविल डिफेंस का उद्देश्य हमलों और आपात स्थितियों में नागरिकों, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2014 के 46,000 करोड़ रुपये से अधिक है। रक्षा निर्यात इसी अवधि में 38,424 करोड़ रुपये पहुंचा। मोदी ने भारत को विदेशी रक्षा कंपनियों का बाजार भर न रहकर वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनाने और हाइपरसोनिक रक्षा तकनीक में नेतृत्व की जरूरत बताई।
सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों का बड़ा नेटवर्क सुनने में मजबूत तैयारी का संकेत है, लेकिन इसे केवल राष्ट्रवादी नारे या रक्षा आत्मनिर्भरता की उपलब्धि बताना जल्दबाजी होगी। प्रशिक्षण, स्थानीय प्रशासन का समन्वय, उपकरण और जवाबदेही इसकी असली कसौटी होंगे। रक्षा उत्पादन और निर्यात के आंकड़े बढ़े हैं, पर नागरिक सुरक्षा नेटवर्क की सफलता तब मानी जाएगी जब सरकार बताए कि कितने स्वयंसेवक प्रशिक्षित हुए और आपात अभ्यास में उनका प्रदर्शन कैसा रहा।
Source: bazaar.businesstoday.in
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