
The President’s Medal for Distinguished Service went to Assam Inspector General of Police Devojyoti Mukherjee, the only recipient from the state in that category. Eleven Assam Police officers and personnel received the…
राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक असम के पुलिस महानिरीक्षक देवज्योति मुखर्जी को दिया गया है जो इस श्रेणी में राज्य से एकमात्र प्राप्तकर्ता हैं। ग्यारह असम पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक मिला है जिनमें पुलिस महानिरीक्षक वी शिव प्रसाद गंजाला और पुलिस अधीक्षक अमिताव बसुमतारी शामिल हैं।
दो अग्निशमन सेवा कर्मियों लीडिंग फायरमैन लोहित सैकिया और सब-ऑफिसर मोहम्मद शहा आलम सिकदार के साथ होम गार्ड प्लाटून कमांडर अभिराम इसलारी को भी सम्मानित किया गया। असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वोत्तर में वीरता के लिए केवल एक पदक अरुणाचल प्रदेश के पुलिस अधीक्षक सुधांशु धामा को दिया गया। मणिपुर मेघालय मिजोरम नागालैंड सिक्किम और त्रिपुरा के अधिकारियों को भी विभिन्न श्रेणियों में पदक मिले हैं।
आधिकारिक विवरण इन पदकों को बहादुरी और सेवा की निष्पक्ष पहचान के रूप में पेश करता है लेकिन यह उन कठिन करियर चुनौतियों को छिपा लेता है जिनका सामना असम पुलिस के कर्मी रोजाना करते हैं। इनमें कर्मचारियों की भारी कमी पदोन्नति में देरी और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती शामिल है। वीरता पुरस्कार किसी एक कार्य को मापता है न कि उन प्रणालीगत दबावों को जिन्हें अधिकारी झेलते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या गृह विभाग अब 2021 की धेकियाजुली हत्याओं के बाद किए गए पुलिस सुधारों के वादे को पूरा करेगा। भरी गई रिक्तियां या प्रशिक्षण के घंटे ही किसी पदक सूची से ज्यादा मायने रखते हैं।
स्रोत: assamtribune.com
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