
Prime Minister Narendra Modi picked up an NCC cadet’s cap and placed it back on her head during an interaction with NCC cadets and My Bharat volunteers at the Red Fort on…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले पर एनसीसी कैडेट्स और मेरा भारत स्वयंसेवकों के साथ बातचीत के दौरान एक एनसीसी कैडेट की गिरी हुई टोपी उठाकर उसे वापस उसके सिर पर लगा दी। यह टोपी तब गिरी थी जब कैडेट प्रधानमंत्री के पैर छूने के लिए नीचे झुकी थी। अपने 75 मिनट के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद प्रधानमंत्री ने सुरक्षा घेरा तोड़कर युवा प्रतिभागियों के बीच जाकर उनसे मुलाकात की।
अपने भाषण में मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्किलिंग प्रोग्राम और पांच से 15 साल के बच्चों के लिए खेल प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा की। समारोह में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का भी जश्न मनाया गया जिसे पहली बार लाल किले पर प्रस्तुत किया गया और इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया।
सोशल मीडिया पर इस घटना को सच्चे नेतृत्व का प्रमाण बताना अतिशयोक्ति है और इसे महज दिखावा करार देना भी जल्दबाजी होगी। यह एक शिष्ट पल था लेकिन सार्वजनिक रूप से इसका महत्व सीमित है। असली परीक्षा यह है कि क्या घोषित कोचिंग, एआई प्रशिक्षण और खेल कार्यक्रम सुर्खियों से आगे बढ़कर वास्तविक युवाओं तक पहुंच पाते हैं। प्रशिक्षित युवाओं की संख्या और उन्हें मिलने वाले अवसर किसी वायरल वीडियो से कहीं अधिक मायने रखते हैं।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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