
The Tamil Nadu Rural Development Engineers Association has complained that 450 Assistant Engineers in the Rural Development and Panchayat Raj Department have been stuck without promotion for over 15 years. The department,…
तमिलनाडु ग्रामीण विकास अभियंता संघ ने शिकायत की है कि ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग के 450 सहायक अभियंता 15 वर्षों से प्रमोशन के इंतजार में हैं। संघ का कहना है कि जिस विभाग को हालिया राज्य बजट में 39,609 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, वहां केवल दो मुख्य अभियंता और तीन अधीक्षण अभियंता कार्यरत हैं।
इसके विपरीत, जल संसाधन विभाग, जिसे 9,264 करोड़ रुपये मिले हैं, वहां 15 मुख्य अभियंता और 39 अधीक्षण अभियंता हैं। वहीं राजमार्ग और लघु बंदरगाह विभाग को 21,524 करोड़ रुपये मिले हैं और वहां 10 मुख्य अभियंता व 35 अधीक्षण अभियंता हैं। संघ ने 200 सहायक अभियंता, 100 सहायक कार्यकारी अभियंता, 50 कार्यकारी अभियंता, 15 अधीक्षण अभियंता और पांच मुख्य अभियंताओं के नए पद सृजित करने की मांग की है। उन्होंने राजमार्ग विभाग की तर्ज पर जिला स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालाएं स्थापित करने की भी मांग की है।
तमिलनाडु सरकार का 39,609 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास बजट पहली नजर में उदार लगता है लेकिन कम बजट वाले अन्य इंजीनियरिंग विभागों में पदों की संख्या देखने पर यह तस्वीर बदल जाती है। अभियंता संघ का यह कहना बिल्कुल सही है कि जहां जल संसाधन विभाग में 15 मुख्य अभियंता हैं, वहीं 450 सहायक अभियंताओं का 15 वर्षों तक प्रमोशन न होना विडंबना है। हालांकि पांच नए मुख्य अभियंताओं की मांग करना उस विभाग के लिए थोड़ी अति हो सकती है जिसका मुख्य काम पंचायत स्तर के नागरिक कार्य हैं। असल परीक्षा यह होगी कि क्या सरकार अपने अगले विभागीय पुनर्गठन में मांगे गए 370 पदों में से आधे भी सृजित करती है या नहीं।
स्रोत: thehindu.com
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