
ప్రధాని నరేంద్ర మోడీ 80వ స్వాతంత్ర్య దినోత్సవం సందర్భంగా ఎర్ర కోట నుంచి ప్రసంగించారు. ఇది ఆయన 13వ సారి ఎర్ర కోటపై జెండా ఆవిష్కరించడం. ప్రసంగంలో యువత గురించి 25 నుంచి 30 సార్లు ప్రస్తావించారు. యువతకు ఉచిత ఆన్లైన్ కోచింగ్, ఏఐలో…
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में लिखित जवाब में खुलासा किया कि पिछले बारह वर्षों (एनडीए सरकार के कार्यकाल) में करीब 9,95,000 करोड़ रुपये के कर्ज राइट-ऑफ किए गए। सबसे अधिक राइट-ऑफ 2018-19 में 1,48,753 करोड़ रुपये का हुआ, जबकि 2025-26 तक एनपीए 63,19,057 करोड़ से बढ़कर 69,21,734 करोड़ रुपये हो गए।
विपक्ष ने गरीबों और आम लोगों के कर्ज सख्ती से वसूलते हुए कॉरपोरेट दिग्गजों के कर्ज राइट-ऑफ के नाम पर माफ करने की जोरदार आलोचना की। मंत्री पंकज चौधरी ने इसे सिर्फ बहीखाता समायोजन बताते हुए सफाई दी कि यह कर्जदारों के लिए स्थायी माफी नहीं है। उन्होंने बताया कि यह नीति 2025 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी रिजॉल्यूशन ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स डायरेक्शन्स के तहत लागू की जा रही है।
विपक्ष राइट-ऑफ के बाद कॉरपोरेट्स से वसूली कैसे होगी, इस सवाल पर बिफर रहा है। वे पूछ रहे हैं कि गरीबों और किसानों को ऐसी कर्ज राहत क्यों नहीं दी जाती। स्थानीय निकाय चुनावों के बाद संसद में इस मुद्दे पर और बहस की संभावना है।
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