
Foot pads claiming to help with weight loss have gone viral on social media, but there is no scientific evidence to support their effectiveness. According to NDTV, these products often claim to…
सोशल मीडिया पर वजन घटाने का दावा करने वाले फुट पैड काफी वायरल हो गए हैं, लेकिन इनकी प्रभावशीलता का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। एनडीटीवी के अनुसार, ये उत्पाद अक्सर सोते समय शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने या चर्बी पिघलाने का दावा करते हैं, जबकि नैदानिक अध्ययनों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
आउटलेट के हवाले से विशेषज्ञ बताते हैं कि वजन घटाना आहार और व्यायाम से कैलोरी की कमी के माध्यम से होता है, न कि पैरों पर पैड लगाने से। इन पैड्स में बांस का सिरका या टूमलाइन जैसे तत्व हो सकते हैं, लेकिन वजन में कोई भी बदलाव चर्बी कम होने के बजाय पानी की कमी के कारण होने की संभावना है।
एनडीटीवी संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद जैसी सिद्ध रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह देता है। उपभोक्ताओं को जीवनशैली में बदलाव के बिना त्वरित परिणाम का वादा करने वाले उत्पादों पर संदेह करने की सलाह दी जाती है।
स्रोत: ndtv.com
यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई है।