
Jammu and Kashmir Chief Secretary Atal Dulloo on Sunday reviewed the implementation of the Rs 1,579.09 crore disaster recovery package approved by the Centre and directed departments to speed up project formulation…
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने रविवार को केंद्र द्वारा स्वीकृत 1,579.09 करोड़ रुपये के आपदा राहत पैकेज के कार्यान्वयन की समीक्षा की और विभागों को परियोजना निर्माण और निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए। गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत स्वीकृत इस पैकेज में बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान की भरपाई शामिल है। इसमें अप्रैल 2025 में बादल फटने के बाद रामबन जिले के लिए 44.52 करोड़ रुपये की विशेष योजना भी शामिल है।

विभागों ने अब तक 1,225.78 करोड़ रुपये की कार्य योजनाएं तैयार कर ली हैं और जल शक्ति तथा कृषि क्षेत्रों द्वारा 353.31 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किया जाना बाकी है। डुल्लू ने बेहतर पुनर्निर्माण के दृष्टिकोण पर जोर दिया और कहा कि सभी पुनर्निर्मित संपत्तियों को भविष्य की आपदाओं के प्रति अधिक लचीला बनाया जाए। उन्होंने दोहराव से बचने के लिए लाभार्थियों की सूची का पीएमएवाई-जी और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के साथ सत्यापन करने को भी कहा।
विद्युत क्षेत्र ने 21,000 से अधिक खंभों और 800 ट्रांसफार्मरों को बहाल करने के लिए 70.08 करोड़ रुपये का उपयोग करने की योजना बनाई है जिससे लगभग 1.45 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा। आवास के क्षेत्र में 193.19 करोड़ रुपये का पूरा आवंटन 9,083 घरों को कवर करने के लिए प्रतिबद्ध किया गया है। डुल्लू ने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को बीईएएमएस प्लेटफॉर्म पर जियो-टैग किया जाए और घरेलू राहत राशि को 30:40:30 के प्रगति-आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पैटर्न के माध्यम से वितरित किया जाए।
स्रोत: greaterkashmir.com
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