
Minister Shivraj Tangadagi said Karnataka's five guarantee schemes, costing over Rs 50,000 crore annually and Rs 1.34 lakh crore so far, have become a model for other states and helped vulnerable sections…
मंत्री शिवराज तंगदागी ने कहा कि कर्नाटक की पांच गारंटी योजनाएं जिन पर सालाना 50 हजार करोड़ रुपये और अब तक कुल 1.34 लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन गई हैं और इन्होंने कमजोर वर्गों को सम्मान के साथ जीने में मदद की है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार वे कोप्पल में 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बोल रहे थे।
श्री तंगदागी ने यह भी कहा कि कांग्रेस 2028 में डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री रहते सत्ता में वापसी करेगी और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए आरएसएस को अनिवार्य अनुमति से छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वे पहले इन योजनाओं का विरोध करते थे और बाद में अपने शासित राज्यों में इन्हें कॉपी करने लगे।
कर्नाटक की गारंटी योजनाओं को लेकर दावे और प्रतिदावे असल मुद्दे को नजरअंदाज करते हैं कि क्या कोई भी राज्य भारी कर्ज के बोझ तले दबे बिना ऐसा खर्च जारी रख सकता है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अब इसी तरह की मुफ्त योजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं जिससे वैचारिक अंतर धुंधला हो गया है। असली परीक्षा तब होगी जब अगला बजट कर्नाटक के राजकोषीय घाटे को उजागर करेगा और यह स्पष्ट होगा कि वादों के मुताबिक काम हुआ है या नहीं। मतदाताओं को नारों पर नहीं बल्कि आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए।
स्रोत: thehindu.com
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