
Three alleged poachers were killed in an exchange of fire with forest personnel in the Cauvery Wildlife Sanctuary in Chamarajanagar district early Saturday. Chief Minister D K Shivakumar has ordered a magisterial…
चामराजनगर जिले के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में शनिवार तड़के वनकर्मियों और कथित शिकारियों के बीच हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। वन मंत्री रामलिंग रेड्डी ने बताया कि ये लोग बिना लाइसेंस वाली पिस्तौल और हिरण का मांस ले जा रहे थे और उन्होंने सबसे पहले गोली चलाई जिसके जवाब में वन विभाग की टीम ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की। मृतक के परिजन इस दावे को खारिज कर रहे हैं और उनका आरोप है कि उन लोगों को पकड़कर मारा गया है। मृतकों की पहचान एंटोनीस्वामी, जॉन पीटर और सवरियप्पन के रूप में हुई है। चौथा व्यक्ति माहिम दास कथित तौर पर फरार हो गया। बाद में परिजनों ने शग्या वन कार्यालय में तोड़फोड़ की और फर्नीचर तथा एक मोटरसाइकिल को नुकसान पहुंचाया।
वन विभाग के आत्मरक्षा वाले दावे पर उन परिवारों को संदेह है जिनका कहना है कि इन लोगों को पहले पकड़ा गया और फिर मारा गया। वटल नागराज हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं जबकि कुछ लोग इसे शिकार विरोधी उचित कार्रवाई मान रहे हैं। अक्सर ऐसी मुठभेड़ों में आधिकारिक संस्करण को स्वतंत्र जांच के बिना ही स्वीकार कर लिया जाता है। मजिस्ट्रेट जांच और विशेष रूप से बरामद देसी पिस्तौलों की फॉरेंसिक रिपोर्ट यह तय करेगी कि कौन सा पक्ष सही है। क्या यह वास्तव में गोलीबारी थी या हिरासत में की गई हत्या का दूसरा नाम?
स्रोत: english.mathrubhumi.com
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