
Panvel Municipal Corporation held a programme on Friday to mark Partition Horrors Remembrance Day, with BJP MLA Prashant Thakur and Mayor Nitin Patil urging citizens to remember the suffering caused by the…
पनवेल नगर निगम ने शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें भाजपा विधायक प्रशांत ठाकुर और मेयर नितिन पाटिल ने नागरिकों से 1947 के विभाजन के दौरान हुए कष्टों को याद करने का आग्रह किया। ठाकुर ने कहा कि नई पीढ़ी को पूरी जागरूकता के साथ इतिहास का अध्ययन करना चाहिए जबकि पाटिल ने राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता देने की बात पर जोर दिया। विभाजन की त्रासदी झेल चुके पूनम जेठलानी, चंद्रकांत देवानी, गोपीचंद वाधवानी और एडवोकेट मनोहर सचदेव ने अपने परिवारों के विस्थापन और जीवन को फिर से संवारने के अनुभव साझा किए। इस कार्यक्रम में कारगिल शहीद कैप्टन विनायक गोरे पर एक एकल प्रदर्शन, विभाजन पर एक प्रदर्शनी और दो मिनट का मौन रखा गया।
विभाजन की स्मृति केवल एक औपचारिक अनुष्ठान बन कर रह जाने का खतरा है जिसमें राजनेता तो शामिल होते हैं पर कोई गंभीर चिंतन नहीं होता। कार्यक्रम में बचे हुए पीड़ितों का सम्मान करना सही है लेकिन ऐसे आयोजन अक्सर प्रतीकात्मक बनकर रह जाते हैं। क्या नगर निगम अब पनवेल के स्कूली पाठ्यक्रम में विभाजन के इतिहास को शामिल करेगा या मौखिक इतिहास परियोजनाओं के लिए धन मुहैया कराएगा। यह इस बात की परीक्षा होगी कि क्या राष्ट्रीय एकता की अपील केवल भाषणों और श्रद्धांजलि तक सीमित है या इसके पीछे ठोस कार्रवाई भी है।
स्रोत: freepressjournal.in
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