
Filmmaker Ram Gopal Varma says the Telugu film industry stays afloat on flop movies, not hits, because budget overruns from mismanagement circulate money to daily-wage workers, while hit profits stay with stars…
फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा का कहना है कि तेलुगु फिल्म उद्योग हिट नहीं बल्कि फ्लॉप फिल्मों के दम पर चलता है क्योंकि कुप्रबंधन से बढ़ा हुआ बजट दिहाड़ी मजदूरों के हाथों में पैसा पहुँचाता है जबकि हिट फिल्मों का मुनाफा सितारों और निर्माताओं के पास ही रह जाता है। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि टॉलीवुड में असली निर्माताओं की कमी है और यहाँ केवल ऐसे निवेशक हैं जो शूटिंग शुरू होने के बाद अनुशासन लागू नहीं कर पाते। उन्होंने इसकी तुलना बॉलीवुड में महामारी के बाद आए बदलावों से की जहाँ अब बजट तय होता है और कॉर्पोरेट निगरानी रखी जाती है।
वर्मा ने निर्देशकों से सख्त वित्तीय जवाबदेही और हर स्तर पर लागत नियंत्रित करने वाले सक्रिय निर्माता की मांग की। उन्होंने उन अभिनेताओं के उदाहरण दिए जिन्हें शूटिंग न करने के बावजूद भुगतान किया गया। उनके ये बयान टॉलीवुड परियोजनाओं में देरी और अनियोजित खर्चों के कारण करोड़ों के नुकसान की खबरों के बीच आए हैं।
टॉलीवुड में असली निर्माताओं के बजाय निवेशकों की भरमार पर राम गोपाल वर्मा का हमला सही प्रतीत होता है लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि वे खुद ‘रक्त चरित्र’ जैसी फिल्मों में बजट से ज्यादा खर्च करने के लिए कुख्यात रहे हैं। उद्योग का झुकाव हमेशा उन सितारों की ओर रहेगा जो दर्शकों को खींचकर लाते हैं फिर चाहे वे लागत कम करें या न करें। असली परीक्षा यह है कि क्या कोई निर्माता बजट की सीमा तय करने के लिए शूटिंग के बीच में ही परियोजना छोड़ने का साहस दिखा पाता है।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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