
A Times of India survey has found that 75% of respondents have been told by relatives to choose a 'better' career, with over 80% identifying doctors and IAS/IPS officers as the most…
टाइम्स ऑफ इंडिया के एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि 75 प्रतिशत उत्तरदाताओं को उनके रिश्तेदारों ने ‘बेहतर’ करियर चुनने की सलाह दी है और 80 प्रतिशत से अधिक लोग डॉक्टर और आईएएस/आईपीएस अधिकारियों को सबसे प्रतिष्ठित पेशा मानते हैं। इंजीनियरिंग का स्थान इसके बाद दूसरा रहा।

पत्रकारिता और पीआर जैसे क्षेत्रों के पेशेवरों को शामिल करने वाले इस सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 74 प्रतिशत लोग मानते हैं कि नर्स पुलिस कांस्टेबल या मैकेनिक जैसे अक्सर अनदेखे किए जाने वाले कामों को उतना सम्मान नहीं मिलता। आधे उत्तरदाताओं ने कहा कि वे मुख्य रूप से करियर के सामाजिक रुतबे के कारण दबाव महसूस करते हैं। विशेषज्ञों ने नौकरी की सुरक्षा और पारिवारिक अपेक्षाओं को इसके प्रमुख कारण बताया है और चेतावनी दी है कि डर के आधार पर किया गया चयन भविष्य में मानसिक थकान का कारण बन सकता है।

यह धारणा कि भारतीय माता पिता बिना सोचे समझे बच्चों को इंजीनियरिंग या चिकित्सा के क्षेत्र में धकेलते हैं एक सरल तथ्य को नजरअंदाज करती है कि कई परिवारों के लिए स्थिर आय कोई पसंद नहीं बल्कि एक आवश्यकता है। यह सच है कि तुलना और अधूरे सपने इसमें भूमिका निभाते हैं लेकिन वास्तविक आर्थिक असुरक्षा भी इसके पीछे एक बड़ा कारण है। माता पिता को पूरी तरह दोष देने के बजाय असली परीक्षा तब होगी जब पीआर या कंटेंट क्रिएशन जैसे नए क्षेत्र यह साबित करेंगे कि वे विश्वसनीय आजीविका दे सकते हैं। क्या कमाई के बाद सामाजिक सम्मान भी मिलेगा या पुरानी व्यवस्था ही कायम रहेगी। यह देखना दिलचस्प होगा।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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