
Saurav Das called on Gen-Z and young Indians to unite against division in an Independence Day post shared on August 15, 2026. He said people had overcome fear and that a generation…
सौरव दास ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के पोस्ट में जेन-जेड और युवा भारतीयों से विभाजन के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग डर से ऊपर उठ चुके हैं और जिस पीढ़ी को कभी चुप रहने के लिए कहा जाता था उसने अब अपनी आवाज खोज ली है। दास ने इस पल को शांतिपूर्ण विरोध के युग की शुरुआत बताया और कहा कि नागरिक उस व्यवस्था का विरोध करेंगे जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण करार दिया।
दास ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग ‘आपकी जेन-जेड बनाम हमारी जेन-जेड’ के विमर्श के जरिए युवाओं को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि हर जिले में अपना जंतर-मंतर विकसित हो रहा है जहां नागरिक एकजुटता और साहस हासिल कर सकते हैं। दास ने अन्याय के लिए जवाबदेही का वादा किया और कहा कि वे बांटेंगे और हम एकजुट होंगे।
यह दावा कि डर खत्म हो गया है या सभी युवा भारतीयों का राजनीतिक मिजाज एक जैसा है उतना ही कमजोर है जितना यह विचार कि असहमति स्वतः ही देश के लिए खतरा है। दास की पोस्ट शांतिपूर्ण भागीदारी का आह्वान है न कि किसी राष्ट्रव्यापी आंदोलन का प्रमाण। असली परीक्षा यह है कि क्या ये आह्वान सोशल मीडिया के नारों से आगे बढ़कर ठोस और कानूनी नागरिक कार्रवाई में बदल पाएंगे और क्या ये विभिन्न आयु वर्गों और क्षेत्रों में समर्थन जुटा सकेंगे।
स्रोत: news.abplive.com
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