
On Independence Day, yoga guru Ramdev warned the Narendra Modi government that student protests over alleged irregularities in education and recruitment exams will intensify if the Centre does not fix the 'ghapla'…
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु रामदेव ने नरेंद्र मोदी सरकार को चेतावनी दी कि यदि केंद्र ने शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के ‘घपले’ को ठीक नहीं किया तो छात्र आंदोलन और उग्र हो जाएगा। पतंजलि योगपीठ में बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों के साक्षात्कार में भ्रष्टाचार 99% तक है और चयन जाति तथा 1 करोड़ रुपये तक की रिश्वत के आधार पर हो रहे हैं। उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की भी आलोचना की। रामदेव ने नई पीढ़ी के प्रदर्शनकारियों से संवैधानिक दायरे में रहने का आग्रह किया और बढ़ती सांप्रदायिक शत्रुता की निंदा की। उन्होंने 2011 में रामलीला मैदान में अपने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि उन्हें फिर से सड़क पर उतरना पड़ सकता है।


रामदेव की यह धमकी उनके भ्रष्टाचार विरोधी साख बनाम उनके व्यावसायिक हितों पर पुराने सवाल फिर से खड़ा करती है। समर्थक उन्हें शिक्षा सुधारों के लिए एक लंबे समय से प्रतीक्षित मसीहा के रूप में देख रहे हैं जबकि आलोचक उनके चयनात्मक आक्रोश और सरकार के साथ पुरानी निकटता की ओर इशारा कर रहे हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या कोई राजनीतिक दल शिक्षकों, पानी और शौचालय जैसी विशिष्ट मांगों को उठाता है या फिर यह महज एक ऐसी सुर्खियां बनकर रह जाएगा जो समय के साथ फीकी पड़ जाती हैं।
स्रोत (3): hindustantimes.com, siasat.com, nationalheraldindia.com
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