
Cockroach Janta Party convenor Abhijeet Dipke launched the School Thik Karo campaign from his native village in Hingoli on Independence Day. He inspected a Zilla Parishad school and found broken windows covered…
कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके ने स्वतंत्रता दिवस पर हिंगोली के अपने गांव से स्कूल ठीक करो अभियान की शुरुआत की। उन्होंने एक जिला परिषद स्कूल का निरीक्षण किया जहां उन्हें टूटी हुई खिड़कियां मिलीं जिन्हें उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बैनरों से ढका गया था। साथ ही वहां शौचालयों में पानी नहीं था और कई छात्रों के लिए केवल चार बेंच थीं। उन्होंने गरीब छात्रों के प्रति सरकारी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्राइवेट स्कूलों की फीस पर सीमा तय करने की मांग की।
दिपके ने सरकारी अस्पतालों के लिए भी ऐसी ही मुहिम चलाने की योजना बनाई है। उन्होंने मरीजों के फर्श पर सोने और सीटी स्कैन के लिए लंबी प्रतीक्षा का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 94,000 से अधिक सरकारी स्कूल बंद हो गए हैं जिससे प्राइवेट स्कूलों को फायदा हुआ है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से फंड के उपयोग पर सवाल उठाने और राजनीति में भाग लेने का आग्रह किया।
स्कूल ठीक करो अभियान सरकारी स्कूलों के जर्जर बुनियादी ढांचे की ओर सही ध्यान आकर्षित करता है। हालांकि यह आरोप जांच का विषय है कि 94,000 स्कूल प्राइवेट सेक्टर को फायदा पहुंचाने के लिए बंद किए गए क्योंकि स्कूल अक्सर कम नामांकन या एकीकरण के कारण बंद होते हैं। प्राइवेट स्कूलों की फीस सीमित करना सुनने में लोकप्रिय लगता है लेकिन इसमें जमीनी लागत की हकीकत को नजरअंदाज करने का जोखिम है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या दिपके का अभियान सत्यापित आंकड़े पेश कर पाता है और अधिकारियों को केवल उनके गांव ही नहीं बल्कि हर जिला परिषद स्कूल में पानी शौचालय और बेंच जैसी बुनियादी सुविधाएं ठीक करने के लिए मजबूर कर पाता है।
स्रोत: thefederal.com
यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा तैयार की गई है।