
Former Indian Air Force chief Air Chief Marshal (retired) BS Dhanoa has said the decision not to allow Indian forces to cross the Line of Control during the 1999 Kargil War was…
पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) बीएस धनोआ ने कहा है कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना को नियंत्रण रेखा पार करने से रोकने का फैसला राजनीतिक नेतृत्व ने संघर्ष को बढ़ने से रोकने और भारत की कूटनीतिक बढ़त बनाए रखने के लिए लिया था। Times Now को दिए एक विशेष साक्षात्कार में धनोआ ने समझाया कि सैन्य लक्ष्य राजनीतिक उद्देश्यों से तय होने चाहिए और नियंत्रण रेखा पार करना आक्रमण के शिकार के रूप में भारत के रुख को कमजोर करता।

धनोआ ने स्वीकार किया कि इस पाबंदी ने अभियानों को और कठिन बना दिया, क्योंकि वायुसेना को अपनी तरफ रहते हुए अलग-अलग पहाड़ी चोटियों पर सटीक हथियारों से हमला करना पड़ा। उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि सेना को राजनीतिक निर्णयों को ओवरराइड करना चाहिए, इसे ‘गलत धारणा’ बताया। वायुसेना ने मई 1999 में पाकिस्तान से पोस्ट वापस लेने के लिए सेना के ऑपरेशन विजय का समर्थन करते हुए ऑपरेशन सफेद सागर शुरू किया। इस संघर्ष में एक वायुसेना पायलट मारा गया और एक को पकड़ लिया गया।
स्रोत (2): timesnownews.com, timesnownews.com (2)
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