
For the first time since Independence, 12 remote migratory villages in Uttarakhand's Johar Valley near the India-China border will get grid electricity. The Uttarakhad Power Corporation Ltd (UPCL) began laying power lines…
आजादी के बाद पहली बार उत्तराखंड के जोहार घाटी में भारत-चीन सीमा के पास बसे 12 दूरस्थ प्रवासी गांवों को ग्रिड बिजली मिलेगी। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने 26 जनवरी को बिजली लाइनें बिछानी शुरू कीं और अगले साल मार्च तक सभी गांवों को जोड़ने की योजना है।
21 करोड़ रुपये की इस परियोजना में 61 किमी का क्षेत्र शामिल है और इसमें मिलाम, लास्पा और मार्तोली जैसी बस्तियां जुड़ेंगी। रसगाड़ी और बुगडियार गांवों को, जहां मिलाकर लगभग 180 लोग मौसमी रूप से रहते हैं, 15 अगस्त तक बिजली दी जानी थी, लेकिन 30 जुलाई को भूस्खलन में आठ खंभे उखड़ जाने से यह काम देरी से हुआ।
फिलहाल निवासी और ITBP के जवान केरोसिन, सोलर लालटेन और छोटे डीजल जनरेटर पर निर्भर हैं। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू ने कहा, ‘हम लंबे समय से बिजली की मांग कर रहे थे। सड़क कनेक्टिविटी के साथ यह परियोजना इस क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर ला सकती है।’
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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