
India's Parliament lost 7,023 minutes of working time during the recent session, costing an estimated Rs 175 crore, as repeated disruptions turned proceedings into a bitter Government-versus-Opposition standoff, Times Now reports. Crucial…
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार हालिया सत्र में बार-बार हुए हंगामे और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच टकराव के कारण संसद का 7,023 मिनट का कामकाज बर्बाद हुआ जिसकी अनुमानित लागत 175 करोड़ रुपये है। दोनों पक्षों के अड़ियल रवैये के कारण महत्वपूर्ण विधायी कामकाज ठप रहा और संसदीय कार्य की जगह राजनीति हावी रही।
इस गतिरोध ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक जिद संसद के कामकाज पर भारी पड़ रही है। हालांकि रिपोर्ट में किसी विशेष विधेयक या प्रभावित एजेंडे का विवरण नहीं दिया गया है लेकिन ये आंकड़े गतिरोध से होने वाले वित्तीय और समय के नुकसान को दर्शाते हैं।
175 करोड़ रुपये और 7,023 मिनट का नुकसान बेहद गंभीर है लेकिन सत्र के बाद एक-दूसरे पर दोष मढ़ने से असली मुद्दे अनसुने रह जाते हैं। दोनों पक्ष टीवी कैमरों के लिए बयानबाजी करते हैं जबकि इसका खर्च करदाताओं को उठाना पड़ता है। असली परीक्षा यह नहीं है कि किसने ज्यादा हंगामा किया बल्कि यह है कि क्या अगले सत्र में दोनों पक्ष न्यूनतम अनिवार्य कामकाज के नियमों पर सहमत होंगे जो सत्ता और विपक्ष दोनों पर बाध्यकारी हों। क्या कोई भी पक्ष ऐसी व्यवस्था स्वीकार करेगा जो उन्हें अनुशासित कर सके?
स्रोत: timesnownews.com
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