
The 8th Central Pay Commission (CPC), set up to revise salaries, allowances, and pensions for central government employees and pensioners, has an 18-month deadline from its constitution on 3 November 2025, meaning…
आठवां केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में संशोधन के लिए गठित किया गया है। 3 नवंबर 2025 को इसके गठन के बाद आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है जिसका अर्थ है कि अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग अभी परामर्श के चरण में है और विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संघों तथा हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। इससे 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों सहित कुल 1 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। हालांकि रिपोर्ट सौंपने के बाद वेतन वृद्धि को पूरी तरह लागू करने में दो से तीन साल का समय लग सकता है जिससे यह प्रक्रिया 2029 या 2030 तक पूरी हो सकती है।
आठवें वेतन आयोग की लंबी समय सीमा स्वाभाविक रूप से अधीरता पैदा करती है क्योंकि कुछ कर्मचारी संघों ने इसे जल्द लागू करने की मांग की थी। लेकिन असली परीक्षा गति की नहीं बल्कि इस बात की है कि नया वेतन मैट्रिक्स और पेंशन फॉर्मूला महंगाई और वास्तविक वेतन वृद्धि के बीच के गहरे अंतर को कम कर पाता है या नहीं। फिटमेंट फैक्टर पर नजर रखें क्योंकि 2.0 से ऊपर का आंकड़ा वास्तविक राहत का संकेत देगा जबकि उससे कम का आंकड़ा असंतोष को फिर से हवा दे सकता है।
स्रोत: livemint.com
यह खबर ऊपर दिए गए स्रोत से एआई द्वारा तैयार की गई है।