
On India's 80th Independence Day, the Red Fort was secured by a multi-layered technology grid operating behind the visible security presence, the Times of India reports. Police used the Abhigyan app to…
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की सुरक्षा में दिखाई देने वाली व्यवस्था के पीछे एक बहुस्तरीय तकनीकी ग्रिड भी तैनात था, जैसा कि टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया। पुलिस ने अभिज्ञान ऐप का उपयोग करते हुए एक करोड़ से अधिक लोगों के डेटाबेस से पहचान सत्यापित की और फिंगरप्रिंट जांच सेकंडों में परिणाम दे रही थी। फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) वैन भीड़ को स्कैन कर रही थीं और संदिग्ध मिलानों पर अलर्ट जारी कर रही थीं।
AI-सक्षम सीसीटीवी कैमरे एक नियंत्रण कक्ष से परिसर और आसपास के क्षेत्र पर नज़र रख रहे थे, जबकि पार्किंग के प्रवेश द्वारों पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) वाहनों के अंडरकैरेज की उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें ले रहे थे। अनधिकृत हवाई गतिविधि का पता लगाने और उसे रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए थे, और ड्रोन तथा पतंगों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। कर्मियों ने वाहनों के निरीक्षण के लिए हैंडहेल्ड मिरर का भी उपयोग किया और रजिस्ट्रेशन नंबर रिकॉर्ड किए।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस तकनीक ने भौतिक सुरक्षा ग्रिड को पूरक बनाया, जिसमें हर बाड़े पर पुलिस और परिधि बनाए रखने वाली टीमें शामिल थीं। ये सिस्टम दृश्य बैरिकेड्स और अधिकारियों के साथ चुपचाप काम कर रहे थे, जिससे समारोह के दौरान संभावित खतरों का पता लगाने, सत्यापन और प्रतिक्रिया में मदद मिली।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई थी।