बॉम्बे HC ने साईबाबा मामले में पूर्व TISS छात्र को संरक्षण दिया

Bombay HC grants relief to ex-TISS student in Saibaba event case over raising slogans for Umar Khalid, Sharjeel Imam

The Bombay High Court on Friday granted interim protection from arrest to Kamakhya Prasad Das, a former Tata Institute of Social Sciences (TISS) student, until August 31. The case relates to an…

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ताता इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के पूर्व छात्र कामाख्या प्रसाद दास को 31 अगस्त तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। यह मामला पिछले अक्टूबर में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जीएन साईबाबा की पुण्यतिथि पर आयोजित एक अनधिकृत कार्यक्रम से संबंधित है, जिसके दौरान कथित तौर पर जेल में बंद कार्यकर्ताओं उमर खालिद और शर्जील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए थे।

सत्र अदालत ने 7 अगस्त को दास और एक अन्य छात्र अभिरूप पॉल को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत खारिज किए गए व्यक्तियों के लिए नारे लगाना कानून का अपमान है। TISS प्रशासन की शिकायत पर नौ छात्रों पर गैरकानूनी सभा और दुश्मनी बढ़ाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। दास ने हाईकोर्ट में इस फैसले को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण था और नारे लगाना कोई आपराधिक अपराध नहीं है।

एफआईआर शुरू में त्रंबे पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी और बाद में इसे अपराध जांच विभाग को स्थानांतरित कर दिया गया। दास ने यह आरोप भी खारिज किया कि उनके पास प्रतिबंधित माओवादी साहित्य था, उन्होंने कहा कि किताबें डाउनलोड करने का मतलब किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।


स्रोत: hindustantimes.com

यह कहानी ऊपर दिए गए स्रोत से AI द्वारा संश्लेषित की गई है।

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