
The District Legal Services Authority (DLSA) in Durg, Chhattisgarh, conducted a five-day grassroots legal awareness campaign covering five villages under the initiative 'Five Villages, Five Days, One Resolve, Resolution Through Dialogue, Not…
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) ने ‘पांच गांव, पांच दिन, एक संकल्प, संवाद से समाधान, विवाद से नहीं’ पहल के तहत पांच गांवों को कवर करते हुए पांच दिवसीय जमीनी स्तर पर कानूनी जागरूकता अभियान चलाया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर के नेतृत्व में यह अभियान ग्रामीण समुदायों तक सीधे कानूनी जागरूकता और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गांव के चौपालों के माध्यम से चलाया गया।

पारंपरिक फसल उत्सव हरेली पर, ग्राम निकुम में डीएलएसए के अधिकारियों, कानून के छात्रों और पैरा-लीगल स्वयंसेवकों को ले जा रही ‘जस्टिस ऑन व्हील्स’ के रूप में सजी एक बैलगाड़ी मुख्य आकर्षण रही। इस आउटरीच टीम में सुषमा लकड़ा, भूपेश कुमार बसंत और उमेश कुमार भगवतकर शामिल थे। वृक्षारोपण अभियानों के साथ-साथ टीम ने मुफ्त कानूनी सहायता, लोक अदालतों, डिजिटल सुरक्षा और मध्यस्थता पर सड़क रैलियां और संवादात्मक सत्र आयोजित किए।
ग्रामीणों को पूर्व-वाद मध्यस्थता के माध्यम से पारिवारिक, पड़ोस और संपत्ति के विवादों को हल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ननकट्ठी में छात्रों को ओटीपी साझा न करने सहित डिजिटल सुरक्षा के बारे में सलाह दी गई। कुथरेल में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों के माध्यम से डायन-बिसाही और बाल संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाई गई। लाइव लॉ डॉट इन की रिपोर्ट के अनुसार इस अभियान में घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम और कुथरेल गांवों को शामिल किया गया।
स्रोत: livelaw.in
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