
Hyderabad’s food, pub and lifestyle businesses are reportedly seeing weaker demand, with some outlets shutting down, GreatAndhra reports. The change follows a period when young consumers spent freely on branded food, entertainment…
ग्रेट आंध्रा की रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद के फूड, पब और लाइफस्टाइल कारोबार में मांग कम होने के चलते कुछ आउटलेट बंद हो रहे हैं। यह बदलाव उस दौर के बाद आया है जब युवा उपभोक्ता ब्रांडेड भोजन, मनोरंजन और अनुभवों पर खुलकर खर्च कर रहे थे।
रिपोर्ट में इस बदलाव का संबंध छंटनी की चिंता, अच्छी नौकरियों की कमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अनिश्चितता से जोड़ा गया है। दफ्तरों वाले इलाकों में बड़े कॉफी ब्रांड्स की जगह अब चाय और कॉफी बेचने वाली छोटी दुकानें ले रही हैं जो 25 रुपये में उत्पाद बेच रही हैं। 90 रुपये या उससे अधिक की कीमत वाले ड्रिंक्स को अब सस्ते विकल्पों से कड़ी टक्कर मिल रही है। यह रुझान अधिक सावधानी और समझदारी भरे खर्च को दर्शाता है, हालांकि यह साबित नहीं होता कि शहर की कुल खर्च करने की क्षमता कम हो गई है।
सबसे बड़ी चर्चा यह हो सकती है कि हैदराबाद का उपभोग दौर समाप्त हो गया है, लेकिन कुछ दुकानों के बंद होने और सस्ती कॉफी से पूरे शहर की अर्थव्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता है। इसके विपरीत यह दावा कि प्रीमियम खर्च पर कोई असर नहीं पड़ा, उतना ही कमजोर है। उपभोक्ता शायद नियमित खरीदारी में कटौती कर रहे हैं ताकि कभी-कभार होने वाले अनुभवों के लिए पैसे बचा सकें। एक या दो साल में अलग-थलग पड़े आउटलेट्स के बदलाव के बजाय रेस्टोरेंट, पब और रिटेल क्षेत्र में बिक्री का निरंतर डेटा ही इसका असली परीक्षण होगा।
स्रोत: greatandhra.com
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