
Sunil Lahri, who played Lakshman in the iconic TV series Ramayan, has said that labels such as Gen Z and Gen Alpha distance young people from Indian culture. In a video on…
प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक रामायण में लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले सुनील लहरी का कहना है कि जेन जेड और जेन अल्फा जैसे लेबल युवाओं को भारतीय संस्कृति से दूर ले जा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो में अभिनेता ने तर्क दिया कि ये शब्द भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने ऐसे शब्दों के प्रयोग का आग्रह किया जो पीढ़ियों में दूरी पैदा करने के बजाय उन्हें करीब लाएं। उन्होंने स्कूलों में गुरुकुल शिक्षा प्रणाली के तत्वों को शामिल करने की भी वकालत की ताकि बच्चों में सम्मान और अनुशासन के संस्कार विकसित हो सकें।
इस पोस्ट पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई है। कुछ उपयोगकर्ता उनकी सांस्कृतिक चिंता से सहमत हैं जबकि अन्य इन शब्दों को जन्म के आधार पर पीढ़ियों का तटस्थ वर्गीकरण बताकर इनका बचाव कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय लहरी ने हाल ही में एक अन्य वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की थी।
पश्चिमी पीढ़ियों के इन लेबलों के प्रति अभिनेता की नाराजगी समस्या का लक्षण लगती है न कि निदान। भारत के युवा पहले से ही परंपराओं और आधुनिकता के बीच सामंजस्य बैठा रहे हैं जहाँ मंदिर जाने के साथ सोशल मीडिया का उपयोग और उपनिषदों के साथ ऑनलाइन पढ़ाई साथ चलती है। असली सवाल यह नहीं है कि कोई शब्द विदेशी है या नहीं बल्कि यह है कि क्या स्कूल और परिवार मूल्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रहे हैं। एक बेहतर परीक्षण यह होगा कि जेन जेड के कितने युवा रामायण के उन पात्रों के नाम जानते हैं जिन्हें लहरी ने प्रसिद्ध किया था।
स्रोत: timesofindia.indiatimes.com
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