
Turkish President Recep Tayyip Erdogan has signalled that Egypt could become the next member of the Makkah Joint Defence Agreement, a collective security pact signed by Turkey, Saudi Arabia, and Pakistan. The…
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने संकेत दिया है कि मिस्र मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का अगला सदस्य बन सकता है। यह तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित एक सामूहिक सुरक्षा संधि है। यह समझौता नाटो के अनुच्छेद 5 की तरह काम करता है जहाँ किसी एक सदस्य पर हमले को सभी पर हमला माना जाता है।
एर्दोआन, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मक्का में इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। अल जज़ीरा को दिए एक साक्षात्कार में एर्दोआन ने कहा कि मिस्र को इस संधि में शामिल करना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक स्वाभाविक कदम हो सकता है। शिखर सम्मेलन से पहले मिस्र के अधिकारियों ने महीनों तक तैयारी बैठकों में भाग लिया था।
भारत इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हम इसके प्रभावों की जांच कर रहे हैं।’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि भारत अपने हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
स्रोत: timesnownews.com
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