
Small-format restaurants seating no more than 20 people are becoming a big trend in Indian dining. Popular in cities like Bengaluru, Mumbai, Kolkata, and Goa, these chef-led venues offer focused menus, intimate…
भारत में छोटे प्रारूप वाले रेस्तरां, जिनमें अधिकतम 20 लोग बैठ सकते हैं, खाने-पीने के क्षेत्र में बड़ा ट्रेंड बन रहे हैं। बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता और गोवा जैसे शहरों में लोकप्रिय ये शेफ-संचालित स्थान सीमित मेन्यू, अंतरंग माहौल और केवल आरक्षण-आधारित पहुंच प्रदान करते हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के गुरिल्ला डाइनर (Guerilla Diner) में केवल 12 सीटें हैं, और मंगलवार रात 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में सीटें बिक जाती हैं। ग्राहकों ने दो सीटों के लिए 1,000 रुपये का भुगतान कर टेबल सुरक्षित कर ली।

शुरुआती अराजकता के बाद कई माइक्रो-डाइनर्स ने वॉक-इन प्रणाली से हटकर आरक्षण प्रणाली अपना ली। नारू नूडल बार (Naru Noodle Bar) के कवन कुट्टप्पा, जो जापान के छोटे रेमन शॉप्स से प्रेरित हैं, का कहना है कि अब डिनर्स स्वीकार कर चुके हैं कि रेस्तरां का आकार अनुभव को परिभाषित नहीं करता, बल्कि उत्पाद केंद्र में होता है। 18 सीटों वाले फार्मलोर (Farmlore) के शेफ जॉनसन एबेनीज़र का मानना है कि कम सीटों से शेफ को सेवा और डाइनिंग अनुभव पर अधिक नियंत्रण मिलता है। यह प्रारूप नए रेस्तरां मालिकों के लिए प्रवेश में बाधाओं को भी कम करता है।
स्रोत: retail.economictimes.indiatimes.com
यह कहानी उपरोक्त स्रोत से एआई द्वारा संश्लेषित की गई है।